NitiN Raj SHARMA

Sunday, 30 November 2014

सोच

जब भी हम किसी को कुछ गलत करते हुए देखतें हैं तो हम उस पर अपनी कोई न कोई टिपण्णी अवश्य करते हैं।
लेकिन यही काम अगर कोई अपना करे तो  हम निरूत्तर हो जाते हैं और उसे अनदेखा कर देतें हैं।