NitiN Raj SHARMA

Friday, 25 September 2015

सीख

दुनिया है धरमशाला,
हम लोग मुसाफिर हैं।
कुछ रोज यहाँ ठहरे,
अब लौट के जाना है।

Thursday, 10 September 2015

जिन्दा हो तो नजर भी आओ।

सिर्फ जीने के लिए साँस की ज़रूरत है लेकिन मुकम्मल ज़िन्दा रहने के लिए साहस की👍