मुझे नहीं पता कि आखिर मैंने गलती क्या कर दी है जो चंद मुट्ठी भर लोग जिन्हें खुद तमीज तक नहीं है, वो लगे हैं मुझे बदनाम करने में।
कोई कहता है कि मैंने धोखा दे दिया, कोई बोलता है कि पीठ में छुरा घोंप दिया और तो और अब तो चरित्र पर बात बनने लगी हैं।
यहां पर लिखने का कारण ये है कि जिसके बारे में वो बात कर रहे हैं उसे तो अभी पता तक नहीं है।
अगर मैं आज इतना गलत हो गया तो साल 2009 से आपके साथ क्या कर रहा था?
और तो और तुम सब अपना याद रखते हो लेकिन ये क्यों भूल गए की ताली एक हाथ से नहीं बजती। कुछ तो मैंने किया ही होगा अच्छा जो इतने सालों से साथ में था मैं।
मुझे अपना कोई गम नहीं है कि मैं बनूं या बिगड़ूं लेकिन इतना जरूर है कि अगर मैं अपनी मर्यादा भूला तो सही नहीं होगा।
नोट:- किसी व्यक्ति विशेष से मेरी लड़ाई नहीं है। और जिनसे है मैं उन सभी का नाम अपने blog में लिख दुंगा।
चेतावनी:- अगर थोडा सा भी कुछ इधर उधर हुआ तो तुम सब के सब जाओगे क्योंकि मैंने तो अपना note तैयार कर रखा है।
अगर जरा सा भी मुझे कुछ हुआ तो आप सभी उसके जिम्मेदार होंगे।
Sunday, 21 February 2016
Dedicated to Aman public school and all staff
Thursday, 11 February 2016
मेरा एक निर्णय
अभी तो एक ठीक सा निर्णय ही लिया था मैंने कि सभी मेरे को कसूरवार ठहराने लगे। कहते हैं वो कि मैं ऐसा था या मैं वैसा था, इन सभी का मेरे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ने।
शायद इसका कारण है कि मैंने कभी किसी से कोई उम्मीद नहीं की।
इतना कुछ जानने और समझने को मिला है कि शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। लेकिन बताया भी नहीं जा सकता क्योंकि सब बेकार का ही था।
मेरी मेहनत और मेरा बिस्वास मेरे साथ है।
आशा ही नहीं अपितु पूरा विश्वास कि अच्छा होगा।
श्री राधे।
निर्णय की बात आगे !!!!!!
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