NitiN Raj SHARMA

Saturday, 4 April 2015

जिंदगी का सच

किसको क्या इलज़ाम दूं मैं अपनी इस जिंदगी में,
क्योंकि मेरी जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थे,
और अन्तिम संस्कार करने वाले भी अपने थे।

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