किसी ने सही कहा है कि औरत ही वह तत्व है जो एक पुरुष को महान पुरुष बनाती है।
आज हम सब महिला दिवस तो मना ही रहे हैं लेकिन महिलाओं की ऐसी स्थिति पर अपने अपने भाषण भी दे ही रहे हैं। लेकिन जब जब बात असल जिंदगी की आती है तब तब हम उसे कमजोर कर देते हैं। कुछ चंद अनजान लोगों का डर दिखाकर उसे शांत कर देते हैं।
आखिर क्यों ?
अगर एक पुरुष भी औरत का साथ ना दे तो चलेगा लेकिन एक औरत दूसरी औरत का साथ देने लगे तो समाज ही नहीं ये देश ये दुनिया सब कुछ चंद मिनटों में बदल जायेंगे। लेकिन उन्हें ऐसी उलझनों में फसाया जाता है ताकि वो अपने व्यक्तित्व के बारे में सोच ही ना सकें, और उन्हें उसका अहसास कराने वाला कौन??
उसका परिवार, बाप , भाई,
समय समय पर देखा गया है कि जिस बाप ने या जिस भाई ने समाज के खिलाफ जाकर अपने बेटी और बहन का साथ दिया है उसी बेटी और बहन ने दुनिया जीत ली है। ना जाने कितने उदाहरण हैं ऐसे जिनसे हम सीख भी सकते हैं और सिखा भी सकते हैं, लेकिन ऐसा हो क्यों नहीं पाता ??
माँ का बिम्ब होता है एक बालक और अगर वो लड़की है तो वो भी माँ है जिसे अपना बचपन फिर से जीने को मिला है लेकिन फिर भी वो अपने बचपन को खराब कर लेती है।
क्यों ??
और ना जाने निजी जीवन में भी ऐसी कितनी समस्याएं हैं जिनका कोई जबाब हमें नहीं मिला है और शायद मिले भी ना।
क्यों ?
पता नहीं ।
मेरी माँ ने मुझे बताया कि औरत खुद ही अपनी इस स्थिति की जिम्मेदार है। मैंने पूछा कैसे ? उन्होंने बताया कि पहले उसका बचपन उसका बाप खराब कर देता है फिर जवानी उसका पति खराब करता है और दो चरण खराब जाने के बाद तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में उसके बच्चे उसका साथ नहीं देते।
मैं रो गया।
मैंने पूछा कि इसका समाधान क्या है ?
उन्होंने बताया कि तू जान गया है तो खुद मत करना कभी गलत। और अगर उसका बाप या पति दोनों में से कोई भी जिसमें की बाप ज्यादा, उसका साथ दे और अपना भरोसा दे तो वही लड़की पूरी दुनिया जीत के उन्हें दे सकती है।
एक ही लड़की और इतने रूप ,
कैसे संभव है ये सब ?
क्योंकि एक आदमी ये सब कभी नहीं कर सकता।
ओशो ने कहा है सत्य ही कहा है।
एक औरत सिर्फ एक नाजुक औरत ही नहीं है वो जब चाहे तो चंडी बनकर दुनिया को दिखा सकती है और जो चाहे उसे पा भी सकती है।
वही बहन, प्रेमिका, पत्नी, माँ, दादी, वैश्या और ना जाने क्या क्या....
हर एक रूप में वो अपना वजूद तलाशती रहती है लेकिन उसे अपने वजूद का जबाब क्यों नहीं मिल पाता ??
गीता के पहले अघ्याय में कहा गया है कि इस दुनिया में जितनी भी समस्याएं है उनका सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण है और वो है अज्ञान।
उस अज्ञान को दूर करके ही हम अपनी इन सभी समस्याओं का समाधान निकाल सकते है।
ऐसा हुआ भी है और आगे भी होता रहेगा, कि अगर कोई तुम्हारी वजह से इतना बदल जाये कि उसके सारे जीवन पर तुम्हारा ही प्रभाव हो बस ऐसा ही करते जाना, यही लक्ष्य होना चाहिए।
चाहे वो लड़की हो या लड़का।
प्रकृति ने भेद नहीं किया तो हम कौन हैं भेद करने वाले ।
मैं अपनी बस उसी शपथ को दोहरा रहा हूँ जो ना जाने कब मैंने ही खुद से कर दी।
ऐसा हो आप करके देखें क्या पता कोई आपसे मिल के अपनी सारी दुनिया ही भूल जाये ।
और जब ऐसा feel होता है तो असल मैं वही जिंदगी है बाकी तो सब जंजाल है।
Never ever break someone's faith because they actually admire you.
I myself have done something better in life that's why I asked everyone to do some betterments in life so that we can change ourselves in to better one and through that we can help in changing also.
A good human being = a good person
A good person = a good family
A good family = a good society
A good society = a good village or city
A good village or city = a good country
A good country = a beautiful world.
Be what you want but take it as a challenge.
Gain knowledge
Have power
Sharp your mind .
Thanks
#happywomensday2018
NitiN Raj SHARMA
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