NitiN Raj SHARMA

Monday, 1 January 2018

नूतन वर्ष 2018

Almost 7 months it has been far away from blogs and mostly 2017 was away from here but there in 2018 shall update regularly.

नव वर्ष 2018 आपके लिए मंगलमय हो।
इसी मनोकामना के साथ कुछ पंक्तियाँ आपके लिए।

तूफानी लहरें हों अम्बर के पहरे हों,
पुरवा के दामन पर दाग बहुत गहरे हों,
सागर के मांझी, मत मन को तू हारना,
जीवन के क्रम में, जो खोया है पाना है,
पतझर का मतलब है फिर बसंत आना है ;

राजवंश रूठे तो राज मुकुट टूटे तो
सीतापति राघव से राजमहल छूटे तो
आशा मत हार, पर सागर के एक बार,
पत्थर में प्राण फूंक सेतू बनाना है,
अंधियारे के आगे दीप फिर जलाना है,
पतझर का मतलब है फिर बसंत आना है;

घर-घर चाहे छोड़े, सूरज भी मुँह मोड़े
विदुर रहे मौन, छीने राज्य, स्वर्ण रथ,घोड़े
माँ का बस प्यार, सार गीता का साथ रहे,
पंचतत्व सौ पर है भारी बतलाना है
जीवन का राजसूय यज्ञ फिर कराना है,
पतझर का मतलब है फिर बसंत आना है ;

Happy new year 2018
🙏

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